साई का दरबार सुहाना लगता है Sai Ka Darwar Suhana Lagta Hai

 Sai Ka Darwar Suhana Lagta Hai

साई का दरबार सुहाना लगता है


 साई का दरबार सुहाना लगता है

 साई का दरबार सुहाना लगता है

शहनाईयों की सदा कह  रही है 


ख़ुशी की मुबारक घडी आ गयी है 

सजी है आज महफ़िल साई के रंग में 

सभी के लबो पर ख़ुशी छा गयी है 


साई का दरबार सुहाना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 

एक दिन जो साई को भजले 


शिर्डी उनका आना जाना लगता है 

साई का दरबार सुहाना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 


क्या कहू तुमसे मेरी सारी  खबर तुमको 

मै तेरा बंदा हु मुझपर एक नज़र कर दो 

जो भी गलती है तुम्हे हम तो  सुनायेंगे 


साईं मेरा दाता है आज ही मनाएंगे 

मेरा दिल साई नजराना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 


एक दिन जो साई को भजले 

शिर्डी उनका आना जाना लगता है 


साई का दरबार सुहाना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 


धडकन धडकन धडकन धडकन 

मेरी धडकन साई धडकन 

मेरी धडकन साई धडकन 


मेरी हर धडकन हर तडपन में तू  बसता 

श्रध्दा सबुरी साथ हो तो सीधा है रस्ता 


सब धर्मो को साई ने यही  सिखाया है 

सबका मालिक एक है सबको बताया है 


मेरा दिल साई नजराना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 


साई का दरबार सुहाना लगता है 

दुखियो को  तेरा दर ठिकाना लगता है 

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