देवकी नंदन श्याम मुरारी Devaki Nandan Shyam Murari

Devaki Nandan Shyam Murari Lyrics

देवकी  नंदन  श्याम  मुरारी 

देवकी  नंदन  श्याम  मुरारी 

मोर मुकुट पीताम्बर धारी

 देवकी  नंदन  श्याम  मुरारी 

मोर मुकुट पीताम्बर धारी


तू ही केशव तू ही कन्हैया 

कोई कहे तू रास रचिया 

तू ही मोहन मुरली वाला

तू गोविंदा तू नन्द लाला


हरी हरी कृष्णा हरी हरी कृष्णा

तू गोवर्धन तू गिरधारी

संकट हारता बांके बिहारी

माधव नन्द किशोर तू है


छलिया माखन चोर तू है

तू गोपाला गइया चरैया 

परमानंद तू बंसी बजिया 

हरी हरी कृष्णा हरी हरी कृष्णा


मुरली मनोहर यशोमति लाला

काली नाग को नथने वाला

गोपिओं का तू है प्यारा


नन्द बाबा का राज दुलारा

मथुरा के तू कण कण अंदर

गोकुल का तू शाम सुन्दर

हरी हरी कृष्णा


दीन हम तुम दीं दयाला

करुणा सिंधु महा कृपाला

भाव सागर से तरन वाला

बिगड़े काज स्वर्ण वाला


तू असीम तू अपरा पार 

तू ही दिखता जगत आधार

उधो के तूं मन में रहता 

ब्रज के तूं कण कण में रहता


वृन्दाबन की पवन में तू है

राधिका की लगन में तू है

नन्द गाओं का प्यारा तू है

जग का पालन हरा तूं है

हरी हरी कृष्णा


लेके ग्वालों की तूं टोली

सखिओं के संग खेले होली


कहे बरसाने की एक छोरी 

उसके चित की हो गयी चोरी

राधा रमन तू देव दुर्गा 


करता असंभव को तुम संभव 

तूं ही गिरधर कुञ्ज बिहारी

तूं सँवारिअ तूं बनवारी 

तूं पुरषोतम द्वरिकाधीशा


आनंद मूरत तूं जगदीशा 

सचिदानंद घनश्याम तूं है

पावन चारो धाम तूं है 

हरी रूप तूं कंस निकंदन 

लक्ष्मी पारक हो भय भंजन 

जन्में तुम कारगर में


पूजा तुम्हारी है हर घर में

सुख समृद्धि देने वाले

रोग शोक हर लेने वाले

हरी हरी कृष्णा


महाभारत के नायक तुम हो

डाटा दीं सहायक तुम हो

मोहना घाट घाट वासी तुम हो

अजर अमर अविनाशी तुम हो


सखा सुदामा के हो निराले

शरणगत के तुहि रखवाले

हरी हरी कृष्णा


तुम पांचाली के रखवाले

ज्ञान गीता का देने वाले

कोई कहे चित चोर तुम हो


कोई कहे रण छोड़ तुम हो

अर्जुन के रखवाले तुम हो

दीन सखा भगवान् तुम हो

हरी हरी कृष्णा


आदि तुम अनंत तुम हो

नारायण भगवन तुम हो

तुमसे नीतिवान न कोई

दाता दया निहाल न कोई 

सिद्ध मनोरथ सबके करते


नवरत्नों से दामन भरते

देवकी नंदन शाम मुरारी

मोर मुकत पीताम्बर धारी

तूं ही केशन तू ही कन्हैया 

कोई कहे रास रचिया 


देवकी नंदन शाम मुरारी

मोर मुकत पीताम्बर धारी

तूं ही केशन तू ही कन्हैया 


कोई कहे रास रचिया 

तूं होइ मोहन मुरली वाला

तूं गोविंदा तूं नन्द लाला


तूं ही केशन तू ही कन्हैया 

कोई कहे रास रचिया 

तूं होइ मोहन मुरली वाला

तूं गोविंदा तूं नन्द लाला

हरी हरी कृष्णा

हरी हरी कृष्णा

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