हरी नाम की माला जपले Hari Nam Ki Mala Jap Le

Hari Nam Ki Mala Jap Le

एकादशी भजन, कार्तिक मास भजन 

 हरी नाम की माला जपले 

 हरी नाम की माला जपले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


अंतर्घट मन को मथले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


नाम बिना ये तेरा

जीवन अधूरा है

घाटा सत्संग बिना

होता नहीं पूरा है

तेरी बीती उमरिया सारी


पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं

हरि नाम की माला जपलें


पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं

रिश्तेदार सारे यहाँ

मतलब के यार है


क्यों मुंह लगाना ये तो

झूठा संसार है

प्रभु नाम से प्रीत लगाले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


पर उपकार करे जो

सच्चा इंसान है

नाम प्याला जिसने

पिया वो महान है


उसकी सतगुरु करे रखवाली

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


कितना प्यारा तन ये तेरा

प्रभु ने बनाया है

माया धन सुख में तूने

नाम को भुलाया है


गुरु शरण आ भूल सुधारी

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नही


कर्मकाण्ड सारे बिना

नाम के बेकार है

सेवावृत सुमिरन प्रभु

मिलन के द्वार है


हरी नाम को तू अपनाले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरी नाम की माला जपले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


अंतर्घट मन को मथले

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं


हरि नाम की माला जपलें

पल की खबर नहीं

पल की खबर नहीं

Post a Comment (0)
Previous Post Next Post