भीगी भीगी रातों में Bheegi Bheegi Raaton Mein

गीत – भीगी भीगी रातों में
गायक – किशोर कुमार, लता मंगेशकर
गीतकार – आनंद बख्शी
संगीत – आर. डी. बर्मन
मूवी – अजनबी (1974)

Bheegi Bheegi Raton Mein Lyrics

Bheegi Bheegi Raaton Mein Lyrics

भीगी भीगी रातों में
मीठी मीठी बातों में
ऐसी बरसातों में कैसा
लगता है हाँ

ऐसा लगता है तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो छेड़ रहे हो

ऐसा लगता है तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो छेड़ रहे हो

अंबर खेले होली उइ माँ
भीगी मोरी चोली
हमजोली हमजोली
अंबर खेले होली उइ माँ भीगी
मोरी चोली हमजोली हमजोली

हो पानी के इस रेले में
सावन के इस मेले में
छत पे अकेले में कैसा लगता है

ऐसा लगता है तुम बनके घटा
अपने सजन को भीगो के खेल
खेल रही हो खेल रही हो

ऐसा लगता है तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो छेड़ रहे हो

बरखा से बचा लूँ
तुझे सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूँ आ छुपा लूँ

बरखा से बचा लूँ
तुझे सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूँ आ छुपा लूँ

दिल ने पुकारा देखो
रुत का इशारा देखो
उफ़ ये नज़ारा देखो
कैसा लगता है बोलो

ऐसा लगता है कुछ हो जाएगा
मस्त पवन के ये झोके सैयाँ
देख रहे हो देख रहे हो

ऐसा लगता है तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो छेड़ रहे हो

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