तू धन्य जगत के मालिक Tu Dhanya Jagat Ke Malik

Tu Dhanya Jagat Ke Malik Lyrics

 तू धन्य जगत के माली

 तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


लाता कहाँ से तू बदल में पानी 

ओले बरसते कभी वर्सा सुहानी


कद कद कड़कती बिजली

बता इसे किसने सजाया है 


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


ब्रह्मा को फूलों में कैसे सजाता 

खुशबु तू भरता है कैसे विधाता


ब्रह्मा को फूलों में कैसे सजाता 

खुशबु तू भरता है कैसे विधाता


हिलते है मोहक नजारे 

सूना है कण कण में समय है


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


न्यारी है शकलें यहाँ जितने भी प्राणी

बोली भी न्यारी ये क्या है कहानी


न समझ आज तक आया 

जगत तूने कैसे रचाया रे 


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


सूरज बनाया कैसे चंदा बनाया

धरती के चकर दे घुमाया 


भगवान अचरज तेरी रचना

तुझे मैं शीश झुकाया रे


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे


तू धन्य जगत के माली

अजब तेरी अद्भुत माया रे

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